Wednesday, July 22, 2015

मिष्टी की cavity....

मिष्टी अब बड़ी हो रही है। हर बात का तर्क मांगती है और हर बात पर तर्क देना भी जानती है।
उसके स्कूल के पास ही एक दूकान है - मुरुगन स्टोर्स। स्कूल से वापस घर लाते वक़्त कई बार मैं उसे वहां से उसके पसंद की चीज़ दिला देती हूँ। कभी टॉफियां, कभी लॉलीपॉप तो कभी आइसक्रीम। जिस दिन आइसक्रीम लेती है उस दिन मैं भी उसके साथ बच्ची बनकर एक चोकोबार खा ही लेती हूँ।

कुछ महीने पहले मिष्टी के एक दांत में कैविटी दिखी तो अब मैं थोड़ी सतर्क हो गयी हूँ। टॉफ़ी, आइसक्रीम का सिलसिला तो चला ही हुआ है पर खाने के बाद ब्रश करके दांत दिखाना अनिवार्य नियम बन गया है। और क्योंकि घर के नियम सभी पे लागू होने चाहिए तो ये नियम मुझपर भी लागू है।

इसी तरह एक दिन आइसक्रीम खाकर ब्रश करने के बाद मिष्टी ने मेरे दांत चेक किये तो उसे पता चला की ये जो मम्मा मेरी एक कैविटी के पीछे पड़ी रहती है, उनकी खुद्की इतनी cavities की फिलिंग हो रखी है।
बस अब मिष्टी जी को उनकी एक cavity के लिए टोको तो वो मेरी ढेरों cavities याद दिला देती है :(

खैर अपनी गलती पे पर्दा डालने के लिए दूसरे की गलती का इस्तेमाल करना भी एक कला है ;)
बात तो थोड़ी टेडी है पर इससे मुझे कही न कही ये भरोसा हो जाता है की कुछ और बने न बने मिष्टी एक दिन हमारे देश की एक कुशल विदेश मंत्री तो बन ही सकती है।

Disclaimer: इस लेख का माननीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज जी के बयानों से कोई नाता नहीं है :D

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